होटल एक दोस्त ने बुक किया, पेट्रोल दूसरे ने भरवाया और रास्ते का खाना तीसरे ने लिया। घर पहुँचकर ग्रुप में सवाल आता है: «मेरे कितने बने?» कुल खर्च जोड़ना आसान है। उलझन यह है कि किसे कितना देना है और किसे वापस मिलना है।
इसके लिए हर दोस्त के दो आंकड़े अलग रखें: उसके हिस्से का खर्च और वह अब तक कितना दे चुका है। बाकी पैसे इन्हीं के अंतर से निकलेंगे।
पहले देखें, कौन-सा खर्च किन लोगों का था
पूरे ग्रुप का होटल और सिर्फ़ दो दोस्तों की टैक्सी एक जैसे नहीं बाँटे जाएँगे। जो दोस्त किसी गतिविधि में शामिल नहीं था, उसका नाम उस खर्च में अपने आप न जोड़ें। निजी खरीदारी भी अलग रखें, भले उसी बिल में साथ का सामान हो।
कम रात रुकने वाले का होटल का हिस्सा बुकिंग से पहले तय कर लें। बराबर बाँटना है या रातों के हिसाब से, यह आपस का फैसला है। बाद में सिर्फ़ कैलकुलेटर से यह बात तय नहीं होगी।
तीन दोस्तों की ट्रिप से समझें
नेहा, रोहित और पूजा साथ गए। होटल और पेट्रोल तीनों ने बराबर बाँटने का तय किया। एक दिन नेहा बाहर नहीं गईं, इसलिए उस दिन के खाने में सिर्फ़ रोहित और पूजा शामिल हैं। रकम केवल उदाहरण के लिए है।
| खर्च | किसने दिया | किन लोगों में बँटेगा | रकम |
|---|---|---|---|
| होटल | नेहा | तीनों | ₹6,000 |
| पेट्रोल | रोहित | तीनों | ₹1,500 |
| बाहर का खाना | पूजा | रोहित और पूजा | ₹800 |
होटल और पेट्रोल मिलाकर हर व्यक्ति का हिस्सा ₹2,500 हुआ। खाने के ₹400 रोहित और ₹400 पूजा के हिस्से में आएँगे। नेहा का कुल हिस्सा ₹2,500 और बाकी दोनों का ₹2,900-₹2,900 है।
अब पहले दिए पैसे घटाएँ
| दोस्त | उसके हिस्से का खर्च | पहले दे चुके हैं | अब क्या बाकी है |
|---|---|---|---|
| नेहा | ₹2,500 | ₹6,000 | ₹3,500 वापस मिलने हैं |
| रोहित | ₹2,900 | ₹1,500 | ₹1,400 देने हैं |
| पूजा | ₹2,900 | ₹800 | ₹2,100 देने हैं |
रोहित नेहा को ₹1,400 और पूजा नेहा को ₹2,100 भेज दें। नेहा को पूरे ₹3,500 वापस मिल जाएँगे। रोहित को पेट्रोल के लिए अलग से सबसे पैसे माँगने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि वह भुगतान पहले ही हिसाब में शामिल है।
पूजा पहले ₹500 भेजती हैं तो ₹1,600 बाकी रहेंगे। इसे बकाया चुकाने की एंट्री रखें, नया ट्रिप खर्च नहीं।
रिफंड आए तो पैसे किसके हैं?
मान लें पूरा हिसाब होने के बाद नेहा को होटल से ₹600 वापस मिले। होटल तीनों ने बराबर बाँटा था, इसलिए हर दोस्त का खर्च ₹200 कम हुआ। नेहा अपने ₹200 रखें और रोहित व पूजा को ₹200-₹200 लौटाएँ।
हिसाब बंद होने से पहले रिफंड मिल जाए तो पहले होटल का खर्च बदलें और फिर बची रकम निकालें। जो रिफंड अभी सिर्फ़ मिलने वाला है, उसे मिल चुका पैसा मानकर हिसाब न करें।
पैसे के छोटे अंतर भी साफ़ रखें। ₹100 को तीन में बाँटना हो तो ₹33.34, ₹33.33 और ₹33.33 रखने से कुल रकम पूरी रहती है।
बिल याद रहते हुए दर्ज कर दें
तारीख, खर्च का नाम, पैसे देने वाला और शामिल दोस्त लिख दें। «शनिवार का खाना, रोहित और पूजा» बाद में सिर्फ़ «खाना» से ज़्यादा काम आएगा। आखिरी हिसाब से पहले पूछ लें कि किसी का बिल या पहले भेजा भुगतान छूट तो नहीं गया।
Splitra में ट्रिप का ग्रुप बनाकर ये खर्च और उनका बँटवारा साथ रख सकते हैं। रकम जाँचने के बाद पैसे अपने चुने हुए तरीके से भेजें और भुगतान हो जाने पर दर्ज करें। ऐप में भुगतान दर्ज करना अपने आप UPI या बैंक ट्रांसफ़र नहीं करता।
अगली बार बुकिंग और तैयारी भी बाँटनी हो तो दोस्तों की ट्रिप वाली चेकलिस्ट से शुरुआत करें।